जॉब के लिए इंटरव्यू के दौरान सैलरी को लेकर प्राय: असमंजस की स्थिति बनी रहती है। अगर कम सैलरी मांगेंगे, तो नियोक्ता को लगेगा कि इस व्यक्ति को नौकरी की काफी जरूरत है। ऐसे में वह आपकी सेवा को औने-पौने दाम में लेना चाहेगा। और अगर आपने ज्यादा सैलरी मांगी, तो डर रहता है कि कहीं वह नौकरी देने से ही इंकार न कर दे। बताते हैं कुछ टिप्स, जिन्हें अपनाने के बाद सैलरी काफी हद तक आपकेहक में तय होगी।
अपनी फील्ड की जानकारी रखें (Keep In Mind of Your Field): आपको पता होना चाहिए कि जिस पोस्ट के लिए आप इंटरव्यू देने जा रहे हैं, संबंधित फील्ड में उसके लिए कितनी सैलरी का भुगतान किया जा रहा है? इसके लिए सबसे बेहतर होगा कि आप अपनी फील्ड के प्रोफेशनल्स से संपर्क में रहें।सैलरी को लेकर पहल न करें (Don’t Ask Salary First): जब तक पूछा न जाए, तब तक रिज्यूमे में अपेक्षित सैलरी का जिक्र न करें। जब इस प्रश्न से सामना हो, तो खुद पहल कर पूछ लें कि कंपनी कितनी सैलरी देना चाहती है? अगर सैलरी स्पष्ट बताने के लिए कहा जाता है, तो वर्तमान वेतन का जिक्र कर सकते हैं। कह सकते हैं कि आपको वर्तमान वेतन से अच्छी जंप चाहिए। वर्तमान पैकेज की सही जानकारी दें।
ऑफर सुनते ही उत्तेजित न हों (Don’t Excited By Offer): बताई गई सैलेरी को उत्तेजित होकर तुरंत स्वीकार न करें, भले ही यह सैलेरी आपकी अपेक्षित सैलेरी से अधिक क्यों न हो। सैलरी के साथ मिलने वाले विभिन्न भत्तों और सुविधाओं के बारे में भी सोचें। संभव हो तो, जवाब देने के लिए वक्त मांग सकते हैं। अकसर इंटरव्यूअर सैलेरी रेंज के निचले सिरे से मोल-तोल करना शुरू करता है।